प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया है.गिरफ्तार से पहले सोरेन ने ईडी की हिरासत में रहते हुए राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा.

झारखंड में राजनीतिक संकट

इसके बाद झारखंड मुक्तिमोर्चा, कांग्रेस और राजद ने राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.झामुमो के नेता चंपई सोरेन को गठबंधन ने अपना नया नेता चुना है.

हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर ईडी गिरफ्तार करके अपने दफ्तर ले गई. वहां उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने उनसे मुलाकात की. ईडी के साथ अधिकारियों की टीम बुधवार दोपहर 1:15 बजे सीएम हाउस पहुंची थी. इससे पहले ईडी ने 20 जनवरी को सोरेन से साढे सात घंटे तक पूछताछ की थी.

हेमंत सोरेन को गुरुवार सुबह 10 बजे रांची की एक अदालत में पेश किया जाएगा. सोरने की इस गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संगठनों ने गुरुवार को झारखंड बंद की अपील की है. हेमंत सोरेन ने ईडी की कार्यवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. इस पर गुरुवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई होगी.

झामुमो गठबंधन के पास बहुमत
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास बहुमत है. 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 43 विधायकों की जरूरत है. गठबंधन के पास 48 विधायक हैं. इनमें से 43 सदस्य चंपई सोरेन के साथ राजभवन पहुंचे थे.

हेमंत सोरेन से पहले महागठबंधन के विधायक राजभवन पहुंचे थे, लेकिन विधायकों को 5 मिनट बाद ही बाहर कर दिया गया. सभी विधायकों ने राजभवन के बाहर हंगामा किया. उनकी मांग थी कि चंपई सोरेन को आज रात में ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाए. बाद में राज्यपाल ने विधायक दल के प्रतिनिधियों को बुलाया.

राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने बताया कि हेमंत सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हमारे गठबंधन ने चंपई सोरेन जी का नाम नेता के रूप में पेश किया है. 43 विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र हमने दिया है. हमारे पास 47 विधायकों का समर्थन है. राज्यपाल ने अभी शपथ ग्रहण के लिए समय नहीं दिया है.उन्होंने कहा कि पहले आपके पेपर को देख लेंगे फिर आपको समय देंगे.

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