असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने शूद्रों पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पहले ट्वीटर) पर लिखा था कि ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्यों की सेवा करना शूद्रों का स्वाभाविक काम है.उन्होंने यह पोस्ट मंगलवार को की थी.सरमा ने गुरुवार को इस पोस्ट को हटाने के बाद माफी मांग ली.

सरमा ने कहा क्या था

सरमा ने 26 दिसंबर की सुबह किए ट्वीट के साथ एक तस्वीर शेयर की थी. इस पर कृष्ण और अर्जुन की फोटो थी. इस पर गीता का एक श्लोक लिखा था.इसमें लिखा था, “खेती गाय पालन और व्यापार- ये वैश्यों के अंतर्निहित और स्वाभाविक कर्म हैं. ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ये तीन वर्णों की सेवा करना शूद्र का भी स्वाभाविक कर्म है.”

सरमा ने लिखा था,”भगवान श्रीकृष्ण स्वयं वैश्यों और शूद्रों के स्वाभाविक कर्मों का वर्णन करते हैं.”

उन्होंने कहा कि यह गलती श्लोक के गलत अनुवाद के वजह से हुई है.सरमा की इस पोस्ट को लेकर उनकी काफी आलोचना हो रही थी.विपक्षी नेताओं ने कहा कि कहा कि हिंदुत्व की विचारधाना समानता, बंधुत्व और न्याय विरोधी है.

सरमा ने अपनी सफाई में क्या कहा

विवाद बढ़ने पर सरमा ने कहा,”जैसे ही मुझे गलती का एहसास हुआ,मैंने तुरंत पोस्ट हटा दिया. अगर हटाए गए पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची है,तो मैं ईमानदारी से माफी मांगता हूं.”

सरमा ने अपनी सफाई में कहा कि यह श्लोक उनकी टीम द्वारा फालोअर्स के साथ प्रतिदिन एक गीता ‘श्लोक’ साझा करने के ट्रेडिशन को बनाए रखने के लिए उनके एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया गया था.

उन्होंने कहा,”नियमित तौर पर मैं हर सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल पर श्रीमदभगवत गीता का एक श्लोक अपलोड करता हूं. अब तक, मैंने 668 श्लोक पोस्ट किए हैं. हाल ही में मेरी टीम के एक सदस्य ने अध्याय 18 श्लोक 44 से एक श्लोक गलत अनुवाद के साथ पोस्ट किया है.गलती का एहसास होते ही उन्होंने ट्वीट हटा दिया.”

कैसी है हिंदुत्व की विचारधारा

सरमा के इस ट्वीट पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि हटाए गए पोस्ट में असम के मुख्यमंत्री ने समाज को लेकर अपने नज़रिए के बारे में लिखा था. उन्होंने लिखा,”संवैधानिक पद पर रहते हुए आपने शपथ ली है कि सभी नागरिकों के साथ आप समान व्यवहार करेंगे.ये उस दुर्भाग्यपूर्ण क्रूरता में दिखता है, जिसका सामना बीते कुछ सालों से असम में रहने वाले मुसलमान कर रहे हैं. हिंदुत्व स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय का विरोधी है.”

सरमा के इस ट्वीट की आलोचना करते हुए भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने लिखा, ”ये बीजेपी की मनुवादी विचारधारा है, जिसे साफ तौर पर देखा जा सकता है.”

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए पूछा, “क्या आप हिमन्त बिस्व सरमा के इस बयान से सहमत हैं?”

खेड़ा ने यह भी लिखा,”अगर आप उनसे कुछ कहेंगे तो वो आपके पास पुलिस भेज देंगे.लेकिन इस तरह की बेतुकी टिप्पणी को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता.”

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